Tuesday, November 3

हरिद्वार में पहले पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ, सीएम धामी ने बताया ज्ञान परंपरा से आधुनिकता का सेतु

हरिद्वार, 23 सितंबर (SDNA): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार स्थित पतंजलि वेलनेस योग ग्राम में पहले पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने योग गुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि परिवार को शुभारंभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमि भी है। ऐसे में पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की शुरुआत भारत की प्राचीन ज्ञान-विरासत को वर्तमान समय की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि भारत की गुरुकुल व्यवस्था हजारों वर्षों से ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और जीवन-मूल्यों के निर्माण का माध्यम रही है। इस परंपरा को आधुनिक शिक्षा और समकालीन आवश्यकताओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना भारतीय ज्ञान प्रणाली को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में उपयोगी हो सकता है।

📢 SD News Agency से जुड़ें और पाएं हर खबर का अपडेट अपने मोबाइल पर!

देश-दुनिया, राजनीति, समाज, व्यापार, प्रदेश और स्थानीय समाचारों की ताजा एवं महत्वपूर्ण खबरें सीधे अपने मोबाइल WhatsApp पर प्राप्त करते रहें।

📰 SD News Agency के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और ग्रुप से जुड़ जाएं।

👉 WhatsApp Group से जुड़ने के लिए क्लिक करें:
SD News Agency WhatsApp Group से जुड़ें

SD News Agency — खबर वही, जो आपके लिए जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा एवं जीवन-पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अध्ययन, अनुसंधान और ज्ञान के प्रसार के लिए संस्थागत प्रयासों को बढ़ावा देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान योग, आयुर्वेद, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। हरिद्वार में आयुर्वेद गुरुकुलम् की स्थापना इस विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नया अध्याय है।

कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण सहित पतंजलि परिवार से जुड़े पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गुरुकुलम् के माध्यम से पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान, भारतीय जीवन-पद्धति और आधुनिक अध्ययन पद्धतियों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।