Monday, November 2

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अल्बानिया में हिंसक विरोध प्रदर्शन का दावा, सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आग लगाने की खबर पर उठे सवाल
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अल्बानिया में हिंसक विरोध प्रदर्शन का दावा, सुप्रीम कोर्ट की इमारत में आग लगाने की खबर पर उठे सवाल

सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर असंतोष का दावा; वायरल संदेश में किए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी (SDNA) अंतरराष्ट्रीय डेस्क। अल्बानिया को लेकर सोशल मीडिया पर एक चिंताजनक दावा प्रसारित हो रहा है। वायरल संदेश में कहा जा रहा है कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने देश के सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही सरकार और न्यायपालिका के बीच कथित मिलीभगत तथा आम जनता की समस्याओं की अनदेखी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस दावे को समझने के लिए घटना और उसके साथ जोड़े जा रहे राजनीतिक आरोपों के बीच अंतर करना जरूरी है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की पूरी इमारत को जला दिए जाने की पुष्टि नहीं की जा सकती। आगजनी, तोड़फोड़ और अदालत की इमारत के किसी हिस्से को नुकसान पहुंचने के दावों की भी विश्वसनीय स्वतंत्र स्रोतों से प...
भारत के पड़ोसी देशों में कौन आगे, कौन पीछे? प्रति व्यक्ति GDP के आंकड़ों से समझिए आर्थिक तस्वीर
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भारत के पड़ोसी देशों में कौन आगे, कौन पीछे? प्रति व्यक्ति GDP के आंकड़ों से समझिए आर्थिक तस्वीर

मालदीव, श्रीलंका और भूटान भारत से आगे, जबकि नेपाल, पाकिस्तान और म्यांमार पीछे; बांग्लादेश भारत के करीब किसी देश की आर्थिक स्थिति का आकलन केवल उसकी कुल अर्थव्यवस्था के आकार से नहीं किया जा सकता। यह समझना भी जरूरी है कि देश की अर्थव्यवस्था के औसत उत्पादन का प्रति व्यक्ति हिस्सा कितना है। भारत के पड़ोसी देशों के वर्ष 2024 के प्रति व्यक्ति GDP के आंकड़े क्षेत्र की आर्थिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण अंतर दिखाते हैं। यहां प्रस्तुत तुलना विश्व बैंक के वर्ष 2024 के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। सभी रकम अमेरिकी डॉलर में हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्रति व्यक्ति GDP किसी व्यक्ति की वास्तविक कमाई, औसत वेतन या उसके हाथ में आने वाली आय नहीं होती, बल्कि देश की कुल आर्थिक गतिविधियों के मूल्य को आबादी से भाग देने पर मिलने वाला औसत आंकड़ा है। भारत और पड़ोसी देशों की प्रति व्यक्ति GDP देशप्रति...
न्यूयॉर्क में दिवाली की सांस्कृतिक छटा के बीच गूंजेगी तबले की थाप, पंडित आदित्य नारायण बनर्जी की विशेष कार्यशाला 7 नवंबर को
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न्यूयॉर्क में दिवाली की सांस्कृतिक छटा के बीच गूंजेगी तबले की थाप, पंडित आदित्य नारायण बनर्जी की विशेष कार्यशाला 7 नवंबर को

तीन दशकों से अधिक के संगीत अनुभव वाले अंतरराष्ट्रीय तबला वादक देंगे प्रशिक्षण; शुरुआती विद्यार्थियों से लेकर उन्नत कलाकारों तक को मिलेगा भारतीय शास्त्रीय ताल परंपरा सीखने का अवसर (SDNA) वेस्टचेस्टर, न्यूयॉर्क, 17 अक्टूबर 2026। रोशनी, उल्लास और सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक दिवाली इस वर्ष न्यूयॉर्क में भारतीय शास्त्रीय संगीत की मधुर लय के साथ मनाने की तैयारी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले तबला वादक पंडित आदित्य नारायण बनर्जी 7 नवंबर 2026 को एक विशेष तबला कार्यशाला का संचालन करेंगे। इस आयोजन के माध्यम से संगीत प्रेमियों और विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय ताल, तबले की तकनीक तथा लयकारी की बारीकियों को समझने का अवसर मिलेगा। आयोजकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यशाला दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 50 सटन रोड, ब्रायरक्लिफ मैनर, न्यूयॉर्क में आयोजित होगी। कार्यक्रम को शुरुआती विद्या...
(SDNA) दिवाली के रंग में घुलेगी तबले की ताल, न्यूयॉर्क में पंडित आदित्य नारायण बनर्जी देंगे संगीत साधकों को प्रशिक्षण
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(SDNA) दिवाली के रंग में घुलेगी तबले की ताल, न्यूयॉर्क में पंडित आदित्य नारायण बनर्जी देंगे संगीत साधकों को प्रशिक्षण

7 नवंबर को ब्रियरक्लिफ मैनर में सजेगी भारतीय शास्त्रीय संगीत की महफिल, शुरुआती से लेकर उन्नत स्तर के विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यशाला वेस्टचेस्टर, न्यूयॉर्क। भारतीय संस्कृति की पहचान और शास्त्रीय संगीत की आत्मा माने जाने वाले तबले की गूंज इस बार दिवाली के उत्सवी माहौल में न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर क्षेत्र में सुनाई देगी। भारतीय संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यहां विशेष तबला कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रसिद्ध तबला वादक एवं ताल सम्राट-ताल रत्न पंडित आदित्य नारायण बनर्जी संगीत प्रेमियों को मार्गदर्शन देंगे। यह आयोजन केवल तबला सीखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय ताल परंपरा, लय की समझ और शास्त्रीय वादन की बारीकियों से परिचित होने का अवसर भी प्रदान करेगा। कार्यशाला में नए विद्यार्थियों के साथ अनुभवी वादकों को भी अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा। 7 नवंबर को स...
भूटान की वादियों में जैन सोशल ग्रुप मेन ने बिखेरे दोस्ती के रंग, 53 सदस्यों की यात्रा बनी यादगार
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भूटान की वादियों में जैन सोशल ग्रुप मेन ने बिखेरे दोस्ती के रंग, 53 सदस्यों की यात्रा बनी यादगार

प्राकृतिक सौंदर्य, आपसी स्नेह और सौहार्द के बीच संपन्न हुआ सफर; पारो, पुनाखा और थिम्पू की यादें सदस्यों के दिलों में रहेंगी जीवंत उज्जैन। खूबसूरत पहाड़ियां, मनमोहक प्राकृतिक नजारे और अपनों के साथ बिताए खुशनुमा पल—इन्हीं यादों के साथ जैन सोशल ग्रुप मेन की 53 सदस्यीय भूटान यात्रा संपन्न हुई। पारो, पुनाखा और थिम्पू की वादियों में सदस्यों ने पर्यटन के साथ आपसी प्रेम, मित्रता और आत्मीयता का अनूठा अनुभव साझा किया। इस यात्रा को सफल, व्यवस्थित और यादगार बनाने में ग्रुप अध्यक्ष प्रदीप गादिया के साथ विपिन शाह, राजेंद्र सिरोलिया, संजय मेहता और नीलेश शाह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यात्रा प्रबंधन में नीलेश मेहता के सहयोग की भी सदस्यों ने विशेष सराहना की। ठहरने, भोजन और भ्रमण की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए सभी ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यात्रा में अरविंद गादिया, कमल बाफना, हुकम बाफना, दिन...
रूसी तेल से दूरी या बाजार की मजबूरी? महंगी कीमतों के बीच भारत ने बदला खरीद का रुख
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रूसी तेल से दूरी या बाजार की मजबूरी? महंगी कीमतों के बीच भारत ने बदला खरीद का रुख

नवंबर डिलीवरी के लिए भारतीय रिफाइनरियों ने घटाई खरीद; चीन की बढ़ती मांग और खाड़ी देशों से प्रतिस्पर्धी आपूर्ति बनी बड़ी वजह नई दिल्ली। (SDNA) रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अलग पहचान बनाने वाला भारत अब अपनी खरीद रणनीति में बदलाव करता दिखाई दे रहा है। भारतीय रिफाइनरियों ने नवंबर में डिलीवरी के लिए रूसी क्रूड की खरीद में कटौती की है। हालांकि इसे सीधे तौर पर अमेरिका के दबाव या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ संबंधी चेतावनियों का परिणाम मानना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रूसी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैकल्पिक स्रोतों से मिल रही प्रतिस्पर्धी आपूर्ति है। जब छूट कम हुई तो आकर्षण भी घटा रूस का यूराल्स क्रूड लंबे समय से भारतीय रिफाइनरियों के लिए आकर्षक रहा है, क्योंकि यह कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में...
सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की UN में गुहार, भारत से समझौता लागू कराने की मांग
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सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की UN में गुहार, भारत से समझौता लागू कराने की मांग

विदेश मंत्री इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र भेजकर सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की अपील की; भारत PCA की कार्यवाही और उसके अधिकार क्षेत्र पर जता चुका है आपत्ति (SDNA) इस्लामाबाद। भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर विवाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए भारत से 1960 की संधि के प्रावधानों का पालन करने की अपील की है। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र भेजकर सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से भारत पर संधि से जुड़े दायित्वों के पालन के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेजों में पाकिस्तान पहले भी सिंधु जल संधि को लेकर भारत के कदम के विरुद्ध सुरक्षा परिषद का ध्यान आकर्षित कर चु...
कश्मीर पर एर्दोगन की टिप्पणी पर भारत का स्पष्ट संदेश, कहा- बाहरी पक्ष का कोई अधिकार नहीं
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कश्मीर पर एर्दोगन की टिप्पणी पर भारत का स्पष्ट संदेश, कहा- बाहरी पक्ष का कोई अधिकार नहीं

UNGA में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख करने पर विदेश मंत्रालय ने जताई आपत्ति; रणधीर जायसवाल बोले- मामला भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा नई दिल्ली, 29 सितंबर। (SDNA) संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने को लेकर भारत ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन की टिप्पणी पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी बाहरी पक्ष की भूमिका का कोई आधार नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एर्दोगन की टिप्पणी से जुड़े सवाल पर कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा भारत और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों को खारिज करता है। उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से संबंधित विषय बताया...
500 किमी दूर तक वार की क्षमता! आर्मेनिया की ‘दिव्यास्त्र’ में दिलचस्पी से अजरबैजान क्यों परेशान?
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500 किमी दूर तक वार की क्षमता! आर्मेनिया की ‘दिव्यास्त्र’ में दिलचस्पी से अजरबैजान क्यों परेशान?

भारतीय रक्षा तकनीक की बढ़ती चर्चा के बीच संभावित खरीद की खबर; Hoverit के मुताबिक ड्रोन 5 घंटे तक उड़ सकता है और 15 किलो पेलोड ले जाने में सक्षम नई दिल्ली। भारत की स्वदेशी ड्रोन तकनीक को लेकर दक्षिण काकेशस क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। आर्मेनिया के भारतीय Divyastra Mk-1 लोइटरिंग म्यूनिशन में रुचि लेने की रिपोर्ट सामने आने के बाद अजरबैजान के रक्षा क्षेत्र से जुड़े मीडिया में इस संभावित सौदे के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक भारत या आर्मेनिया की सरकार की ओर से इस संभावित खरीद पर कोई आधिकारिक करार सार्वजनिक नहीं किया गया है। आर्मेनिया ने किन देशों के ड्रोन पर विचार किया? आर्मेनियाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वहां की रक्षा व्यवस्था लंबी दूरी तक काम करने वाले हमलावर ड्रोन की क्षमता बढ़ाने के विकल्प तलाश रही है। इस प्रक्रिया में अमेरिका, फ्रांस, ईरान, यूक्रेन, इज...
24 घंटे में तीन मैचों का दबाव, फिर क्वार्टर फाइनल में उतरना पड़ा; पीवी सिंधु ने एशियाई खेलों के शेड्यूल पर उठाए सवाल
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24 घंटे में तीन मैचों का दबाव, फिर क्वार्टर फाइनल में उतरना पड़ा; पीवी सिंधु ने एशियाई खेलों के शेड्यूल पर उठाए सवाल

ओलंपिक पदक विजेता ने कहा- सिर्फ मानसिक तैयारी काफी नहीं, शरीर को भी रिकवरी के लिए समय चाहिए; हॉक-आई सुविधा नहीं मिलने पर भी जताई निराशा नई दिल्ली। एशियाई खेलों में भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का अभियान क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यूफेई के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। मुकाबले के बाद सिंधु ने टूर्नामेंट के शेड्यूल और खिलाड़ियों को मिलने वाले रिकवरी समय को लेकर अपनी चिंता खुलकर जाहिर की। सिंधु के मुताबिक लगातार मुकाबलों के बीच पर्याप्त अंतर नहीं होने से खिलाड़ियों के लिए शारीरिक रूप से खुद को तैयार करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने खास तौर पर 24 घंटे के भीतर तीन मैच खेलने की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताया। एक दिन में दो मुकाबले, फिर क्वार्टर फाइनल सिंधु ने शनिवार को दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। इसके बाद तीसरे दौर का मैच रविवार तड़के करीब एक बजे समाप्त हुआ। इसके कुछ ही घंटो...