UPI पर MDR की समयसीमा बढ़ाने की तैयारी: व्यापारियों की चिंता, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सरकार की नीतिगत चुनौती
‘नो UPI डे’ के विरोध के बाद अक्टूबर से जनवरी 2027 तक टल सकता है शुल्क; क्या सरकार डिजिटल लेनदेन की रफ्तार और आर्थिक विकास पर पड़ने वाले संभावित असर का आकलन कर रही है?
विशेष आर्थिक विश्लेषण | SDNA
भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था आज केवल पैसे के लेनदेन का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह देश की बदलती अर्थव्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और वित्तीय समावेशन का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। छोटी दुकानों से लेकर बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों तक UPI ने भुगतान को आसान, तेज और सुलभ बनाया है। ऐसे में UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के प्रस्ताव ने व्यापारिक जगत में नई बहस छेड़ दी है।
15 अक्टूबर 2026 से कुछ चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर MDR लागू करने की चर्चा के बीच अब इसकी समयसीमा जनवरी 2027 तक बढ़ाए जाने की संभावना सामने आई है। 8 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सर...






