Wednesday, November 4

कलेक्टर के जाम में फंसने के बाद हरकत में आया प्रशासन! बामौरकलां में बुलडोजर से हटाया अतिक्रमण, अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप


शाम साढ़े पांच बजे भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा प्रशासनिक अमला, देर तक चला अभियान; बिना पूर्व सूचना कार्रवाई पर व्यापारियों ने जताई नाराजगी, वर्षों से जाम की समस्या पर उठाए सवाल

अतुल जैन | बामौरकलां प्रतिनिधि

बामौरकलां। वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे बामौरकलां में आखिरकार प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शाम ढलते ही भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हलचल मच गई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला और देखते ही देखते बुलडोजर ने सड़क किनारे फैले अस्थायी अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए।

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कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और पुलिस बल की तैनाती के बीच बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि प्रशासन इसे यातायात व्यवस्था सुधारने और आमजन को जाम से राहत दिलाने की पहल बता रहा है, लेकिन कार्रवाई के तरीके को लेकर स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली।

कलेक्टर के जाम में फंसने के बाद तेज हुई प्रशासनिक सक्रियता!

बामौरकलां में जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि हाल ही में शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा जब शिवपुरी से चंदेरी जा रहे थे, तब उन्हें भी बामौरकलां में जाम के कारण काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसके बाद प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हालांकि कलेक्टर के जाम में फंसने और इस कार्रवाई के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल जरूर चर्चा का विषय बना हुआ है कि वर्षों से आम जनता जिस समस्या को झेल रही थी, उस पर प्रशासन की इतनी तेजी अब क्यों दिखाई दे रही है?

एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी की मौजूदगी में चला अभियान

अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचा। पिछोर एसडीएम ममता शाक्य, खनियांधाना तहसीलदार निशिकांत जैन और बामौरकलां थाना प्रभारी कुसुम गोयल भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।

शाम करीब 5:30 बजे अभियान शुरू हुआ। बुलडोजर की सहायता से सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। अधिकारियों की निगरानी में सड़क को खाली कराने का काम चलता रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थायी निर्माणों को नहीं हटाया गया है, बल्कि आवागमन में बाधा बन रहे अस्थायी अतिक्रमण हटाकर रास्ता साफ कराया जा रहा है।

वर्षों से परेशान जनता को अब याद आया प्रशासन!

स्थानीय लोगों का कहना है कि बामौरकलां में जाम लगना कोई नई समस्या नहीं है। बाजार और मुख्य मार्ग पर आए दिन वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और चारपहिया वाहनों को घंटों परेशान होना पड़ता है।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब यह समस्या लंबे समय से बनी हुई थी, तब जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला? क्या प्रशासन को कार्रवाई के लिए किसी बड़े अधिकारी के जाम में फंसने का इंतजार था?

लोगों का मानना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से ठोस योजना बनाई जाए।

बिना नोटिस कार्रवाई पर दुकानदारों की नाराजगी

अचानक शुरू हुए अभियान को लेकर दुकानदारों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाना प्रशासन का अधिकार है, लेकिन प्रभावित व्यापारियों को पहले से सूचना देना भी जरूरी है।

दुकानदारों ने सवाल किया कि कार्रवाई से पहले मुनादी क्यों नहीं कराई गई? संबंधित लोगों को नोटिस देकर सामान हटाने का पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया? यदि अभियान पहले से निर्धारित था, तो इसकी जानकारी व्यापारियों तक क्यों नहीं पहुंचाई गई?

व्यापारियों के अनुसार त्योहारों के समय छोटे दुकानदारों के लिए अचानक ऐसी कार्रवाई आर्थिक परेशानी का कारण बन सकती है। सीमित पूंजी से कारोबार करने वाले लोगों को अपना सामान सुरक्षित रखने और दुकान व्यवस्थित करने का अवसर मिलना चाहिए था।

एसडीएम ने कहा- जनहित में हो रही कार्रवाई, अस्थायी अतिक्रमण ही हटाए

कार्रवाई को लेकर पिछोर एसडीएम ममता शाक्य ने स्पष्ट किया कि प्रशासन नियमों के अनुसार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि बामौरकलां तालाब क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण बढ़ने से सड़क पर जाम की स्थिति बन रही थी, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही थी।

एसडीएम के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य सड़क को थोड़ा साफ कराना और आवागमन सुगम बनाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच शुरू हुई थी। फिलहाल कोई स्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया गया है, बल्कि केवल अस्थायी अतिक्रमण हटाकर सड़क को खाली कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई जनहित में की जा रही है और अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी अपेक्षित है।

केवल बुलडोजर चलाने से खत्म होगा जाम या बनेगी स्थायी व्यवस्था?

बामौरकलां में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रख पाएगा? अक्सर देखा जाता है कि अतिक्रमण हटाने के कुछ दिनों बाद फिर वही स्थिति बनने लगती है।

स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि प्रशासन नियमित निगरानी के साथ व्यवस्थित पार्किंग, सड़क पर सामान रखने पर नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित करे।

अब कस्बे के सामने दो महत्वपूर्ण सवाल हैं—क्या बामौरकलां को वर्षों पुराने जाम से स्थायी राहत मिलेगी और क्या प्रशासन भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले प्रभावित दुकानदारों को उचित सूचना एवं समय देगा?

फिलहाल प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर सड़क साफ कराने की शुरुआत कर दी है। अब देखना यह होगा कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई बनकर रह जाता है या बामौरकलां की यातायात व्यवस्था में वास्तव में स्थायी बदलाव लेकर आता है।

— सच के पीछे की खबर, सच्‍चा दोस्त न्यूज़ नेटवर्क (SDNA)



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