गोवा में रियल एस्टेट का बढ़ता दायरा, खेतों-बागों और पहाड़ियों के अस्तित्व पर मंडराया संकट
भूमि उपयोग बदलने के प्रावधान के खिलाफ सड़कों पर उतरे नागरिक; धारा 39(ए) को निरस्त करने की मांग, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल
(SDNA) गोवा। देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल गोवा में रियल एस्टेट का तेजी से विस्तार अब कृषि भूमि, पारंपरिक बाग-बगीचों और प्राकृतिक पहाड़ियों के संरक्षण को लेकर बड़ी बहस का विषय बन गया है। राज्य के शहर एवं ग्रामीण नियोजन अधिनियम में शामिल धारा 39(ए) के तहत संरक्षित भूमि को आवासीय क्षेत्र में बदलने की अनुमति दिए जाने के विरोध में नागरिकों का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी इसे गोवा की प्राकृतिक विरासत, खेती-किसानी और भविष्य की पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मान रहे हैं।
आंदोलनकारियों की मांग है कि इस प्रावधान को पूरे राज्य में पूरी तरह समाप्त किया जाए और कृषि एवं पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील भूमि को गैर-कृषि उपयोग में बदलने...









