
1 नवंबर का कांग्रेस कार्यक्रम अपेक्षित समर्थन जुटाने में नाकाम रहा; नेहरू परिवार पर पार्टी को निजी जागीर की तरह चलाने का आरोप
भोपाल, 4 नवंबर 2026। मध्यप्रदेश शासन के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 1 नवंबर को पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। कार्यक्रम में अपेक्षित जनभागीदारी नहीं दिखी और इसके बाद युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई ने संगठन के भीतर की स्थिति को उजागर कर दिया है।
मंत्री सारंग ने सवाल उठाया कि कांग्रेस अपने ही युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के पदाधिकारी राहुल गांधी की दिल्ली में आयोजित रैली में शामिल होने तक नहीं पहुंचे। यह घटनाक्रम पार्टी नेतृत्व और युवा कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी का संकेत देता है।
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युवाओं की नाराजगी को सुनने के बजाय कार्रवाई का आरोप
सारंग के अनुसार, युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों की नाराजगी और उनके विरुद्ध हुई कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि पार्टी में असहमति के विचारों को जगह देने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की राजनीति और कार्यशैली को लेकर कांग्रेस के युवा वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल आरोप-प्रत्यारोप और विरोध की राजनीति नहीं चाहते, बल्कि सकारात्मक सोच, विकास और आगे बढ़ने के अवसरों की अपेक्षा रखते हैं।
नेहरू परिवार पर संगठन को निजी जागीर समझने का आरोप
मंत्री सारंग ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नेहरू परिवार की हठधर्मिता और दबदबे की राजनीति लंबे समय से पार्टी पर हावी रही है। उनके मुताबिक, परिवार ने कांग्रेस को निजी जागीर की तरह संचालित किया है। यही वजह है कि जब कोई कार्यकर्ता या पदाधिकारी अपनी बात रखने की कोशिश करता है, तो उसकी राय सुनने के बजाय उसे संगठन से बाहर करने का रास्ता अपनाया जाता है।
संगठन से ऊपर परिवार को महत्व देने का दावा
सारंग ने कहा कि कांग्रेस में संगठन और कार्यकर्ताओं की अपेक्षा एक परिवार को अधिक महत्व दिया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व लोकतांत्रिक मूल्यों की बात तो करता है, लेकिन अपने ही कार्यकर्ताओं की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई इसी सोच को दर्शाती है।
कांग्रेस को युवाओं की नाराजगी पर विचार करना चाहिए
मंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि उसके अपने युवा पदाधिकारी नेतृत्व के कार्यक्रमों से दूरी क्यों बना रहे हैं। केवल युवाओं के नाम पर राजनीति करने से उनका समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए उनके विचारों, अपेक्षाओं और आवाज को सम्मान देना जरूरी है।
(SDNA | सच के साथ, समाज की आवाज़)
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