Tuesday, November 3

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद ने पकड़ा कानूनी मोड़
Judiciary & Legal, Natioanal, Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद ने पकड़ा कानूनी मोड़

SIR, मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता पर विपक्ष के सवाल; 13 अक्टूबर की संभावित सुनवाई पर देश की नजर नई दिल्ली | SDNA देश में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर चल रही बहस अब एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं और सुनवाई की चर्चा तेज हो गई है। 13 अक्टूबर 2026 को संभावित सुनवाई को लेकर भी राजनीतिक और कानूनी हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। लेकिन इस घटनाक्रम को केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के रूप में देखना अधूरा होगा। इसके पीछे एक बड़ा सवाल है—लोकतंत्र में मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करने और चुनावी व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखने की जिम्मेदारी आखिर...
संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर अदालतें हस्तक्षेप करें: CJI सूर्यकांत
Natioanal, Supreme Court

संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर अदालतें हस्तक्षेप करें: CJI सूर्यकांत

NHRC के स्थापना दिवस पर बोले मुख्य न्यायाधीश—मानवाधिकारों की रक्षा के लिए व्यवस्था की खामियों को पहचानना और कमजोर वर्गों की आवाज सुनना जरूरी (SDNA) नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि जब नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तब न्यायालयों को हस्तक्षेप करना चाहिए। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए न्यायिक संस्थाओं और आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मानवाधिकार केवल कानूनी सिद्धांत नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा संबंध व्यक्ति के स्वास्थ्य, भोजन, आवास, आजीविका और स्वच्छ पर्यावरण जैसे बुनियादी अधिकारों से है। उन्होंने मानवाधिकार आयोगों से शिकायतों की जांच करने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था की कमियों को पहचानने और उन समस्याओं पर ध्यान देने का आह्वान कि...
कैंसर की दवा पर 10 गुना MRP! सुप्रीम कोर्ट ने कीमतों पर उठाए तीखे सवाल, कहा- मरीजों पर इतना बोझ क्यों?
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कैंसर की दवा पर 10 गुना MRP! सुप्रीम कोर्ट ने कीमतों पर उठाए तीखे सवाल, कहा- मरीजों पर इतना बोझ क्यों?

नई दिल्ली। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज का खर्च पहले ही परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में भारी अंतर का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। मंगलवार को कैंसर की दवाओं की कीमतों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने एक ऐसी दवा का उदाहरण सामने आने पर गंभीर सवाल उठाया, जिसकी लागत करीब ₹2,700 बताई गई, जबकि उस पर ₹27,000 की MRP दर्ज थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान दवाओं की कीमतों और मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। अदालत ने सवाल किया कि जब किसी दवा की कीमत और उस पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य के बीच इतना बड़ा अंतर हो सकता है, तो इसका असर आखिर किस पर पड़ता है। सरकारी योजनाओं में खर्च का बोझ किस पर? सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी मरीज...